About Prem aur sambandh sudhaar
साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें।
जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है.
हमारे हिंदू धर्म में ऐसी कई प्राचीन तांत्रिक साधना और मंत्रों का उल्लेख है, जिनके द्वारा व्यक्ति असंभव से असंभव काम को भी कर सकता है
साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें।
जब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो गया। ऐसा मंत्र को लगातार जपते रहने से होता है। यदि आपका ध्यान इधर, उधर भटक रहा है तो फिर मंत्र को सिद्ध होने में भी विलंब होगा। कहते हैं कि 'करत-करत अभ्यास से जडमति होत सुजान। रसरी आवत-जात से सिल पर पड़त निसान॥'
मंत्र जप के दौरान अनुशासन:- मंत्र जाप करते समय मन को एकाग्र रखें। झूठ, क्रोध अथवा किसी भी चिंता से दूर रहें। साधना के दौरान धूम्रपान या अन्य नशा करना भी वर्जित है।
ॐ वज्र मुस्ठी वज्र किवाड़। वज्र बाँधों दश द्वार।
कोई साधक अगर किसी भी शक्ति की साधना करना चाहता हे या वशीकरण साधना या मोहिनी साधना करना चाहता है तो हम साधक को गुरुमुखी साधना देंगे और जब तक सिद्धि न मिले तब तक हम उसको मार्गदर्शन करेंगे सिद्धि प्रदान कराएंगे (महाकाली साधना नरसिंह साधना भैरव साधना कोई भी दस महाविधा की साधना यक्षणी साधना जिन्न साधना भूतनी साधना डाकिनी शाकीनी साधना वशीकरण साधना मोहिनी साधना और हमारे पास कई सारी गुप्त साधना हे जिसका जिक्र यहां नहीं कर सकते
मंत्र के द्वारा हम खुद के मन या मस्तिष्क को बुरे विचारों से click here दूर रखकर उसे नए और अच्छे विचारों में बदल सकते हैं। लगातार अच्छी भावना और विचारों में रत रहने से जीवन में हो रही बुरी घटनाएं रुक जाती है और अच्छी घटनाएं होने लगती है। यदि आप सात्विक रूप से निश्चित समय और निश्चित स्थान पर बैठक मंत्र प्रतिदिन मंत्र का जप करते हैं तो आपके मन में आत्मविश्वास बढ़ता है साथ ही आपमें आशावादी दृष्टिकोण भी विकसित होता है जो कि जीवन के लिए जरूरी है।
हम इस वेबसाइट पर अपने साधको को साधना सिखाने के लिए बहुत महेनत करके पोस्ट लिखते हे क्योकि यहाँ जो मंत्र और विधि बताई जाती हे वो सटीक होती हे हमारी पोस्ट आप भक्तो को और साधको को अच्छी लगे तो आप हमें हमारे निचे दिए गई स्केनर पर अपना अनुदान कर सकते हे ताकि हमें काम करने में प्रोत्साहन मिले और आगे हम आपके लिए सेवा कर सके!!
आसन का उपयोग:- कुश, ऊन, या रेशमी आसन पर बैठकर जाप करें। आसन का रंग सफेद, लाल या पीला होना शुभ माना जाता है।
सामग्री का चयन और उपयोग:- मंत्र जाप में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे दीपक, धूप और नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए। दीपक में देशी घी का उपयोग करें।
यह दोनों एक प्राकृतिक घटना होती है जो अपने आप घटित होती है, ऐसे में आप यह अवश्य सोचते होंगे कि आखिर यह घटनाएं कैसे होती है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब चंद्रमा और पृथ्वी दोनों ग्रह के ठीक आमने सामने आती है तब यह घटनाएं होती है.
सिद्धि मंत्र